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शनिवार, 6 अगस्त 2011

फ्रेंडशिप डे और भारत ?

कल अगस्ट महीने का पहला रविवार है पश्चिमी सभ्यता के अनुसार फ्रेंडशिप डे. भारत कि पुरातन सभ्यता पर जबरन थोपा गया एक और अंतर्राष्ट्रीय त्यौहार जिसका मेरे हिसाब से कोई मायने नहीं है क्या हमे सिर्फ एक दिन ही मिलता है दोस्ती निभाने के लिए बाकि बचे ३६४ दिन हम क्या दुश्मनी निभाते है या झक मारते है. सोचने वाली बात है कि भारत जैसे देश मे जहा दोस्ती कि ढेरो मीसाले है वहां फ्रेंडशिप डे जैसे दिन कि जररूत नहीं होनी चाहिए . यह तो एक गुलामी कि मानसकिता को दर्शता है कि हमारे पास समय नहीं है तो चलो एक दिन दोस्ती के लिए रखलो . बाकि जिसकी जसी जो मर्जी मुझे नहीं लगता कि इस एक दिन के त्यौहार से पुरानी दोस्ती पर कोई फर्क पड़ता होगा क्योंकि दोस्ती एक दिन कि मोहताज नहीं है सच्चे दोस्तों के लिए तो हर दिन फ्रेंडशिप डे होता है.

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